मुर्गे एवं मुर्गियों की बीमारियों से बचाव के लिए कुछ उपाय


मुर्गे एवं मुर्गियों की बीमारियों से बचाव के लिए कुछ उपाय
पक्षियों को बर्ड फ्लू एवं अन्य कई (बीमारियां) हो सकती है। यह बीमारियां एक पक्षी से दूसरे पक्षी में व दूषित पानी से अथवा प्रभावित पक्षी के मल-मूत्र पंखों आदि के जरिए पूरे झुंड को तेजी से प्रभावित कर सकती है।
बचाव के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाएं--
१. दूरी बनाये रखें -
    पक्षियों को बाडे में बंद रखिये केवल पोल्ट्री फॉर्म की देखभाल करने वालों को ही पक्षियों के पास जाना चाहिए ! अनावश्यक लोगों को बाड़े में प्रवेश न करने दें। मुर्गे एवं मुर्गी को दूसरे पक्षियों व पशुओं से न मिलने दें।
२. साफ-सफाई रखें -
    बारे में बाड़े में और उसके आसपास साफ सफाई बहुत जरूरी है इस प्रकार जीवाणु और विषाणु से बचा जा सकता है पक्षियों के बारे को साफ सुथरा रखें और पक्षियों का भोजन और पानी रोजाना बदलें पोल्ट्री फॉर्म/ बाड़े को नियमित रूप से संक्रमण मुक्त करते रहे
३. पोल्ट्री फॉर्म में बीमारियों को प्रवेश करने से रोकें-
     अपने आपको और बाजार या अन्य फामों में अन्य पक्षियों के संपर्क में आने वाली हर चीज की साफ-सफाई रखें ! नए पक्षी को कम से कम 30 दिन तक स्वस्थ पक्षियों से दूर रखें । बीमारी को फैलने से रोकने या बचाव के लिए पोल्ट्री के संपर्क में आने से पहले और बाद में अपने हाथ कपड़ों और जूतों को धोएं तथा संक्रमण मुक्त करें
४. बीमारी उधर न लें-
    यदि आप अन्य फार्मों से उपकरणों औजारों या पोल्ट्री को उधार लेते हैं तो अपने स्वस्थ पक्षियों के संपर्क में आने से पहले भली-भांति उनकी सफाई करें और संक्रमण मुक्त करें।
   
५. संकेतों को जानें-
    पक्षियों पर नजर रखें,यदि अधिक पक्षी मर रहे हैं आंखों, गर्दन और सिर के आसपास सूजन है, मुंह से रिसाव हो रहा है ,पंखों ,कलगी और टांगों का रंग बदल रहा है और पक्षी अंडे कम देने लगे हैं तो यह सब खतरे के संकेत है ।पक्षियों में अचानक कमजोरी, पंख गिरने और हरकत कम होने पर नजर रखें
६. बीमारी की सूचना-
     पक्षियों में असामान्य बीमारी अथवा मौत की सूचना तुरंत नजदीकी पशु उपचार केंद्र को दें।

Comments

Popular posts from this blog

इस प्रकार सर्दी से करे अपनी बकरियों का बचाव

1962-पशुधन संजीवनी सेवा केंद्र

बकरियों की प्रसव के समय और बाद की देखभाल कैसे करें ?/How to take care of the goats delivery time and later?